मैं एक आखिरी सफर करूंगा उस रोज़ अपनी उलझी हुई हर एक तमन्ना से परे तेरी शरमाई हुई आंखों के नशे में छुप कर आखिरी बार निकल जाऊंगा खुद से बाहर और चुन लाऊंगा बिखरे हुए सब साज़े अदम...
मन कहता है एक गीत लिखूं। ख्वाबों,ख्यालों, गुमानों से निकल कर। इश्क़,वस्ल,हिज्र की तमाम परम्पराएं उलांघ कर। चिलमनें गिरा दूं ख्वाबों की । दर्द की इतनी परतें उगाऊं शब्दों प...
नींद के आखिरी पल में तुम यूं उतर आए हो गोया पहला अंकुर जो फूटे बर्फ बर्फ एहसास की परतें महक जाएं कोहरे की काली सफेद चादर के पीछे यूं पढ़ लेता हूं तुम्हें मानो आंखो के पन्नों ...